परिचय
PM विश्वकर्मा योजना 2026 भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। भारत में आज भी करोड़ों लोग ऐसे हैं जो बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, मोची, सुनार, नाई जैसे पारंपरिक कामों से अपनी आजीविका चलाते हैं।
इन कारीगरों के पास हुनर तो होता है, लेकिन आधुनिक औजार, प्रशिक्षण, सस्ता कर्ज और बाजार तक पहुंच नहीं होती। इसी समस्या को दूर करने के लिए PM विश्वकर्मा योजना 2026 लाई गई है। इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को ₹15,000 की टूलकिट, कौशल प्रशिक्षण के साथ भत्ता, और ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन दिया जाता है।
इस लेख में हम PM विश्वकर्मा योजना 2026 की पूरी जानकारी सरल भाषा में समझेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके और इसका लाभ उठा सके।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 क्या है?
PM विश्वकर्मा योजना 2026 केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। “विश्वकर्मा” शब्द भारतीय परंपरा में निर्माण, शिल्प और कारीगरी का प्रतीक माना जाता है।
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि कारीगरों को पहचान, प्रशिक्षण, आधुनिक औजार, सस्ता लोन, डिजिटल भुगतान और बाजार से जोड़ने का पूरा ढांचा प्रदान करती है।
इसलिए PM विश्वकर्मा योजना 2026 को एक दीर्घकालिक सशक्तिकरण योजना माना जा रहा है।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के उद्देश्य
सरकार ने इस योजना को कुछ स्पष्ट उद्देश्यों के साथ शुरू किया है:
- पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक कौशल प्रदान करना
- काम की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के लिए टूलकिट देना
- बिना गारंटी सस्ता लोन उपलब्ध कराना
- डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना
- कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना
इन सभी उद्देश्यों को ध्यान में रखकर PM विश्वकर्मा योजना 2026 तैयार की गई है।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 में कौन-कौन से कार्य शामिल हैं?
इस योजना के तहत कई पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जैसे:
- बढ़ई
- लोहार
- सुनार
- कुम्हार
- दर्जी
- मोची
- नाई
- धोबी
- राजमिस्त्री
- टोकरी, झाड़ू और चटाई बनाने वाले कारीगर
ध्यान देने योग्य बात यह है कि PM विश्वकर्मा योजना 2026 के अंतर्गत एक परिवार से केवल एक सदस्य ही लाभ ले सकता है।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के प्रमुख लाभ
1. पहचान पत्र और प्रमाण पत्र
इस योजना के तहत हर लाभार्थी को PM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र दिया जाता है। इससे कारीगरों को सरकारी योजनाओं, बैंकों और बाजार में पहचान मिलती है।
2. कौशल प्रशिक्षण और दैनिक भत्ता
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के अंतर्गत कारीगरों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाता है:
- बुनियादी प्रशिक्षण: 5 से 7 दिन
- उन्नत प्रशिक्षण: 15 दिन या उससे अधिक
प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन का भत्ता दिया जाता है, ताकि उसकी आमदनी पर असर न पड़े।
3. ₹15,000 की टूलकिट सहायता
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को ₹15,000 की टूलकिट सहायता दी जाती है। इससे वे आधुनिक औजार खरीद सकते हैं और अपने काम की गुणवत्ता बेहतर बना सकते हैं।
यह सुविधा PM विश्वकर्मा योजना 2026 का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
4. ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के अंतर्गत कारीगरों को आसान शर्तों पर लोन मिलता है:
- पहला लोन: ₹1,00,000
- दूसरा लोन: ₹2,00,000 (पहला लोन चुकाने के बाद)
- कुल लोन राशि: ₹3,00,000
- ब्याज दर: केवल 5 प्रतिशत
- कोई गारंटी नहीं
सरकार ब्याज पर सब्सिडी देती है, जिससे यह लोन बहुत सस्ता पड़ता है।
5. डिजिटल लेनदेन का प्रोत्साहन
इस योजना में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। इससे कारीगर ऑनलाइन भुगतान अपनाते हैं और उनका काम अधिक व्यवस्थित होता है।
6. बाजार और विपणन सहायता
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के तहत कारीगरों को:
- ब्रांडिंग सहायता
- गुणवत्ता प्रमाणन
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने में मदद
- मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी
जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 की पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक भारत का नागरिक हो
- उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो
- पारंपरिक कारीगरी से जुड़ा हो
- परिवार से केवल एक व्यक्ति आवेदन करे
- सरकारी कर्मचारी न हो
- पिछले 5 वर्षों में समान सरकारी लोन योजना का लाभ न लिया हो
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- पता प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- कार्य से संबंधित स्व-घोषणा
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल रखी गई है।
आवेदन के चरण:
- आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं
- आधार आधारित सत्यापन करें
- अपना व्यवसाय चुनें
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन जमा करें
- सत्यापन के बाद प्रशिक्षण और लाभ स्वीकृत किए जाते हैं
ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जन सेवा केंद्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
योजना का वास्तविक प्रभाव
एक कुम्हार जो पुराने औजारों से कम आमदनी कमा रहा था, PM विश्वकर्मा योजना 2026 के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट मिलने के बाद बेहतर उत्पाद बनाने लगा। लोन की मदद से उसने अपना छोटा व्यवसाय बढ़ाया और उसकी आय में स्थिरता आई।
यह उदाहरण दिखाता है कि PM विश्वकर्मा योजना 2026 कैसे जीवन बदल सकती है।
निष्कर्ष
PM विश्वकर्मा योजना 2026 केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह भारत के पारंपरिक कारीगरों के लिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर है। प्रशिक्षण, टूलकिट, सस्ता लोन और बाजार सहायता के माध्यम से यह योजना कारीगरों को सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाती है।
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना के पात्र हैं, तो PM विश्वकर्मा योजना 2026 का लाभ अवश्य उठाएं।




